1. पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन (Sexual Reproduction in Flowering Plants)
इस पेज पर आपको 1. पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन (Sexual Reproduction in Flowering Plants) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस अध्याय में हम जीव विज्ञान की 1 अत्यंत ही रोचक और हमारे प्राकृतिक वातावरण को रंग-बिरंगा बनाने वाली शाखा का गहराई से अध्ययन करेंगे। हमारा अध्याय 1 है 'पुष्पी पादपों में लैंगिक जनन' (Sexual Reproduction in Flowering Plants)। जब भी हम किसी बगीचे या पार्क में घूमने जाते हैं, तो वहां खिले हुए तरह-तरह के सुंदर और सुगंधित फूल हमारा ध्यान अपनी ओर तुरंत आकर्षित कर लेते हैं। क्या आपने कभी गहराई से यह सोचा है कि प्रकृति ने इन फूलों को इतना रंगीन और खुशबूदार क्यों बनाया है? वास्तव में, ये फूल केवल हमारी सजावट या सुंदरता के लिए नहीं हैं, बल्कि ये पौधों के जीवन चक्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फूल किसी भी आवृतबीजी (Angiosperm) पौधे का मुख्य जनन अंग होता है, जिसके माध्यम से वे अपनी अगली पीढ़ी को जन्म देते हैं और पृथ्वी पर अपना अस्तित्व बनाए रखते हैं।
विज्ञान को रटने के बजाय अगर हम अपने दैनिक जीवन से जोड़कर देखें, तो यह बहुत ही जादुई लगता है। आपने अक्सर मधुमक्खियों और रंग-बिरंगी तितलियों को फूलों पर मंडराते हुए देखा होगा। वे केवल रस पीने नहीं आतीं, बल्कि जाने-अनजाने में वे परागण (Pollination) की 1 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करती हैं, जो हमारे खेतों में फसल उत्पादन के लिए 100 प्रतिशत आवश्यक है। अगर ये कीट परागण न करें, तो हमें खाने के लिए आम, सेब या गेहूं जैसे फल और अनाज कभी नहीं मिल पाएंगे। आगामी NCERT और RBSE बोर्ड परीक्षा के दृष्टिकोण से यह अध्याय अत्यधिक महत्वपूर्ण और बहुत ज्यादा अंक दिलाने वाला है। बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से न केवल सीधे सैद्धांतिक प्रश्न पूछे जाते हैं, बल्कि पुष्प की संरचना, लघुबीजाणुजनन और गुरुबीजाणुजनन पर आधारित शानदार विश्लेषणात्मक और चित्र वाले प्रश्न भी हर साल परीक्षा पेपर में निश्चित रूप से आते हैं।
इस अध्याय के रोमांचक सफर में हम सबसे पहले 1 प्रारूपिक पुष्प की पूरी संरचना को बहुत ही बारीकी से समझेंगे। हम जानेंगे कि पुष्प के 4 मुख्य भाग होते हैं: बाह्यदल, दल, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। इसके बाद हम नर युग्मकोद्भिद के विकास को तार्किक रूप से समझेंगे, जहां परागकणों का निर्माण होता है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि परागकण की बाहरी परत 'स्पोरोपोलेनिन' नामक पदार्थ से बनी होती है, जो अब तक ज्ञात सबसे कठोर जैविक पदार्थों में से 1 है। इसी के कारण परागकण हजारों वर्षों तक जीवाश्म के रूप में सुरक्षित रह सकते हैं। अध्याय में थोड़ा और आगे बढ़ते हुए, हम मादा जनन अंग यानी जायांग और बीजांड (Ovule) की जटिल संरचना का गहराई से अध्ययन करेंगे। 7-कोशिकीय और 8-केंद्रकीय भ्रूणकोष का विकास 1 बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है जो बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत पूछा जाता है।
इसके बाद हम परागण के विभिन्न प्रकारों—स्व-परागण और पर-परागण—का विस्तार से विश्लेषण करेंगे। हम यह भी जानेंगे कि पौधे स्व-परागण को रोकने के लिए कौन-कौन सी अनोखी युक्तियां अपनाते हैं। दोहरा निषेचन (Double Fertilization) आवृतबीजी पौधों की 1 सबसे अनूठी और विशेष घटना है, जिसमें 1 नर युग्मक अंड कोशिका से मिलकर युग्मनज बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से जुड़कर भ्रूणपोष का निर्माण करता है, जो विकसित हो रहे भ्रूण को पोषण प्रदान करता है। बीज और फल के निर्माण की प्रक्रिया को समझना भी 1 अत्यंत ही रोचक विषय है। हम जानेंगे कि सेब और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों को आभासी फल (False fruit) क्यों कहा जाता है, क्योंकि इनके निर्माण में अंडाशय के अलावा पुष्पासन भी महत्वपूर्ण भाग लेता है। दूसरी ओर, आम 1 सत्य फल (True fruit) का बहुत ही बेहतरीन उदाहरण है। प्रकृति में बीजों का प्रकीर्णन 1 स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे होता है, यह भी पौधे के विकास के लिए 100 प्रतिशत जरूरी है। कुछ पौधों के बीज हवा के द्वारा, कुछ पानी के द्वारा और कुछ पक्षियों या जानवरों के माध्यम से मीलों दूर तक पहुंच जाते हैं।
असंगजनन (Apomixis) 1 ऐसी अनोखी प्रक्रिया है जिसमें बिना निषेचन के ही बीज का निर्माण हो जाता है। कृषि विज्ञान में इस तकनीक का उपयोग करके संकर बीजों को सस्ता और अधिक उपयोगी बनाने के लिए निरंतर शोध चल रहे हैं। बहुभ्रूणता (Polyembryony), जिसमें 1 ही बीज के अंदर 1 से अधिक भ्रूण विकसित हो जाते हैं, संतरा और नींबू जैसे खट्टे फलों में आम तौर पर देखने को मिलती है। आपकी बेहतरीन और 100 प्रतिशत मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने के लिए, हमने इन सभी जटिल और महत्वपूर्ण टॉपिक्स से चुनकर एकदम सटीक, उच्च स्तरीय और परीक्षा-उपयोगी वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) तैयार किए हैं। ये प्रश्न न केवल आपकी सैद्धांतिक अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट करने में मदद करेंगे, बल्कि फाइनल परीक्षा हॉल में आपके आत्मविश्वास को भी आसमान तक ले जाएंगे। बार-बार अभ्यास करने से आप समय प्रबंधन सीखेंगे और प्रश्नों को बिना किसी गलती के हल करने की गति में भारी वृद्धि करेंगे।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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पुष्प आवृतबीजियों (Angiosperms) का कैसा अंग है?
A) आकर्षक | B) लैंगिक प्रजनन | C) कायिक | D) A और B दोनों -
पुंकेसर (Stamen) के उस भाग को क्या कहते हैं जो परागकण उत्पन्न करता है?
A) तंतु | B) परागकोष | C) योजक | D) वर्तिकाग्र -
परागकोष की सबसे आंतरिक परत जो पोषण प्रदान करती है, कहलाती है?
A) एपिडर्मिस | B) मध्य परत | C) टेपिटम | D) एंडोथीसियम -
नर युग्मकोद्भिद (Male gametophyte) का प्रतिनिधित्व कौन करता है?
A) अंडाशय | B) परागकण | C) भ्रूणकोष | D) बीजाण्ड -
परागकण की बाहरी सख्त परत 'बाह्यचोल' (Exine) किसकी बनी होती है?
A) सेल्यूलोज | B) पेक्टिन | C) स्पोरोपोलिनिन | D) लिग्निन -
स्त्रीकेसर (Pistil) का वह भाग जो परागकणों के लिए लैंडिंग प्लेटफॉर्म का कार्य करता है?
A) अंडाशय | B) वर्तिका | C) वर्तिकाग्र | D) बीजाण्ड -
गुरूबीजाणुधानी (Megasporangium) को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
A) परागकोष | B) बीजाण्ड | C) भ्रूणकोष | D) पुष्पासन -
एक परिपक्व आवृतबीजी भ्रूणकोष (Embryosac) कैसा होता है?
A) 8 केंद्रकीय, 8 कोशिकीय | B) 7 कोशिकीय, 8 केंद्रकीय | C) 7 कोशिकीय, 7 केंद्रकीय | D) 8 कोशिकीय, 7 केंद्रकीय -
परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण क्या कहलाता है?
A) निषेचन | B) परागण | C) विपुंसन | D) असंगजनन -
स्व-परागण (Autogamy) किस स्थिति में संभव है?
A) एक ही पुष्प में | B) दो अलग पौधों में | C) विभिन्न प्रजातियों में | D) केवल रात में -
मकरंद (Nectar) और सुगंध किन पुष्पों की विशेषता है?
A) वायु परागित | B) कीट परागित | C) जल परागित | D) सभी -
दोहरा निषेचन (Double fertilisation) की खोज किसने की थी?
A) मेंडल | B) नवाशिन | C) वाटसन | D) बोर -
निषेचन के बाद बीजाण्ड (Ovule) किसमें विकसित होता है?
A) फल | B) बीज | C) भ्रूणपोष | D) पेरिकार्प -
पुष्पासन (Thalamus) से विकसित होने वाले फलों को क्या कहते हैं?
A) सत्य फल | B) आभासी फल | C) अनिषेक फल | D) शुष्क फल -
बिना निषेचन के फल बनने की प्रक्रिया कहलाती है?
A) अनिषेकफलन | B) असंगजनन | C) बहुभ्रूणता | D) निषेचन -
परागकण की कायिक कोशिका (Vegetative cell) कैसी होती है?
A) छोटी | B) बड़ी और खाद्य भंडार युक्त | C) केंद्रक विहीन | D) त्रिकोणीय -
पराग नलिका (Pollen tube) बीजाण्ड में कहाँ से प्रवेश करती है?
A) निभाग | B) बीजाण्डद्वार | C) नाभिका | D) अध्यावरण -
एक बीज में एक से अधिक भ्रूणों की उपस्थिति क्या कहलाती है?
A) असंगजनन | B) बहुभ्रूणता | C) अनिषेकजनन | D) द्विनिषेचन -
नारियल का पानी वास्तव में क्या है?
A) मुक्त केंद्रकीय भ्रूणपोष | B) कोशिकीय भ्रूणपोष | C) फल भित्ति | D) बीजचोल -
घास के परिवार में बीजपत्र (Cotyledon) को क्या कहते हैं?
A) मूलांकुर | B) वरूथिका | C) प्रांकुर | D) पेरिस्पर्म -
कथन (A): स्पोरोपोलिनिन जीवाश्मों के रूप में परागकणों को सुरक्षित रखता है।
कारण (R): इसे कोई भी ज्ञात एंजाइम अपघटित नहीं कर सकता।
A) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
क्लीस्टोगेमस (Cleistogamous) पुष्पों की क्या विशेषता है?
A) वे कभी नहीं खुलते | B) वे हमेशा खुलते हैं | C) उनमें मकरंद अधिक होता है | D) वे केवल वायु परागित होते हैं -
सजातपुष्पी परागण (Geitonogamy) आनुवंशिक रूप से कैसा है?
A) पर-परागण | B) स्व-परागण | C) संकरण | D) कोई नहीं -
वायु परागित पुष्पों के परागकण कैसे होने चाहिए?
A) भारी और चिपचिपे | B) हल्के और गैर-चिपचिपे | C) रंगीन | D) बहुत बड़े -
भ्रूणपोष (Endosperm) की गुणता (Ploidy) आवृतबीजियों में होती है?
A) n | B) 2n | C) 3n | D) 4n -
विपुंसन (Emasculation) की प्रक्रिया क्यों की जाती है?
A) कीटों को आकर्षित करने हेतु | B) स्व-परागण रोकने हेतु | C) निषेचन बढ़ाने हेतु | D) फल पकाने हेतु -
कथन (A): पपीता एकलिंगाश्रयी (Dioecious) पौधा है।
कारण (R): इसमें स्व-परागण और सजातपुष्पी परागण दोनों रुक जाते हैं।
A) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या है | B) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या नहीं है | C) A सही है, R गलत है | D) A गलत है, R सही है -
बीज की प्रसुप्ति (Dormancy) क्या है?
A) अत्यधिक वृद्धि | B) धीमी चयापचय अवस्था | C) अंकुरण की स्थिति | D) मृत अवस्था -
पेरिस्पर्म (Perisperm) किसका अवशेष है?
A) बीजाण्डकाय | B) भ्रूणपोष | C) अध्यावरण | D) बीजपत्र -
असंगजनन (Apomixis) के क्या लाभ हैं?
A) संकर गुणों का बने रहना | B) बीज उत्पादन सस्ता होना | C) विभेदन बढ़ना | D) A और B दोनों -
पराग-स्त्रीकेसर पारस्परिक क्रिया (Pollen-pistil interaction) क्या सुनिश्चित करती है?
A) केवल सही प्रकार के परागकण का अंकुरण | B) सभी परागकणों का अंकुरण | C) पुष्प का खिलना | D) मकरंद का बनना -
परागकण की जनन कोशिका (Generative cell) विभाजित होकर क्या बनाती है?
A) एक नर युग्मक | B) दो नर युग्मक | C) तीन नर युग्मक | D) पराग नलिका -
दोहरा निषेचन में कौन सी दो प्रक्रियाएं शामिल हैं?
A) युग्मक संलयन और त्रिसंलयन | B) परागण और निषेचन | C) विपुंसन और बैगिंग | D) बीज निर्माण -
भ्रूणपोष का मुख्य कार्य क्या है?
A) बीज की रक्षा | B) विकासशील भ्रूण को पोषण देना | C) परागण करना | D) मकरंद बनाना -
बीजचोल (Seed coat) किससे विकसित होता है?
A) अंडाशय भित्ति | B) बीजाण्ड के अध्यावरण | C) बीजाण्डकाय | D) भ्रूण -
सत्य फल (True fruit) किससे विकसित होता है?
A) पुष्पासन | B) केवल अंडाशय | C) दलपुंज | D) बाह्यदल -
सिनेर्जिड्स (Synergids) में उपस्थित 'तंतुरूप समुच्चय' (Filiform apparatus) का कार्य है?
A) पोषण देना | B) पराग नलिका को मार्ग दिखाना | C) भ्रूण बनाना | D) बीज सुखाना -
युग्मक संलयन (Syngamy) के परिणामस्वरूप क्या बनता है?
A) भ्रूणपोष | B) युग्मनज | C) बीज | D) परागकण -
बीज के अंकुरण के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ हैं?
A) नमी | B) ऑक्सीजन | C) उपयुक्त तापमान | D) उपरोक्त सभी -
कथन (A): द्विनिषेचन आवृतबीजी का अद्वितीय गुण है।
कारण (R): जिम्नोस्पर्म में भी द्विनिषेचन पाया जाता है।
A) A सही है, R गलत है | B) A गलत है, R सही है | C) दोनों सही हैं | D) दोनों गलत हैं -
परागकण एलर्जी (Pollen allergy) का मुख्य कारण कौन सा खरपतवार है?
A) तुलसी | B) पार्थेनियम | C) नीम | D) अमरबेल -
भ्रूणपोष विकास निषेचन के बाद की किस घटना से पहले होता है?
A) भ्रूण विकास | B) फल पकना | C) बीज गिरना | D) कोई नहीं -
60% से अधिक आवृतबीजी पौधों में परागकण किस अवस्था में झड़ते हैं?
A) 2-कोशिकीय | B) 3-कोशिकीय | C) 4-कोशिकीय | D) 1-कोशिकीय -
बीजाण्ड के बीजाण्डद्वार (Micropyle) का महत्व बीज में क्या है?
A) प्रकाश प्रवेश | B) जल एवं ऑक्सीजन प्रवेश | C) भ्रूण पोषण | D) कोई नहीं -
लुपीनस आर्कटिकस (Lupinus arcticus) के बीजों की जीवित रहने की अवधि कितनी रिकॉर्ड की गई है?
A) 100 वर्ष | B) 1000 वर्ष | C) 10,000 वर्ष | D) 5000 वर्ष -
किन्हीं दो आभासी फलों (False fruits) का सही युग्म है?
A) आम और सेब | B) सेब और स्ट्रॉबेरी | C) केला और अंगूर | D) मटर और मक्का -
गुरूबीजाणु टेट्राड (Megaspore tetrad) में कितने गुरूबीजाणु सक्रिय रहते हैं?
A) 4 | B) 3 | C) 2 | D) 1 -
सिनेर्जिड्स कोशिकाएं कैसी होती हैं?
A) अगुणित (n) | B) द्विगुणित (2n) | C) त्रिगुणित (3n) | D) बहुगुणित -
एक पुष्प में कई स्वतंत्र स्त्रीकेसरों की उपस्थिति कहलाती है?
A) युक्ताण्डपी | B) वियुक्ताण्डपी | C) एकाण्डपी | D) बहुकेसर -
त्रिसंलयन (Triple fusion) में कौन-कौन से केंद्रक भाग लेते हैं?
A) दो नर युग्मक + एक अंडा | B) एक नर युग्मक + दो ध्रुवीय केंद्रक | C) दो अंडे + एक नर युग्मक | D) कोई नहीं -
परागकोष का स्फुटन (Dehiscence) मुख्य रूप से किसके सूखने पर होता है?
A) टेपिटम | B) एंडोथीसियम | C) एपिडर्मिस | D) मध्य परत -
अनिषेक फल (Parthenocarpic fruits) कैसे होते हैं?
A) बीज रहित | B) बहुत बड़े | C) अत्यधिक बीज युक्त | D) जहरीले -
पुष्पी पादपों में नर और मादा युग्मकोद्भीद दोनों कैसे होते हैं?
A) बड़े और स्वतंत्र | B) अत्यंत छोटे और आश्रित | C) केवल मादा बड़ी | D) केवल नर बड़ा -
भ्रूणपोष के प्राथमिक केंद्रक (PEN) की प्रकृति है?
A) n | B) 2n | C) 3n | D) 4n -
यदि एक आवृतबीजी पौधे की कायिक कोशिका में 24 गुणसूत्र हैं, तो उसके भ्रूणपोष में कितने होंगे?
A) 12 | B) 24 | C) 36 | D) 48 -
पराग बैंक (Pollen banks) में परागकणों को किस तापमान पर भंडारित किया जाता है?
A) 0°C | B) -196°C | C) -100°C | D) 25°C -
निम्नलिखित में से कौन सा 'नॉन-एल्ब्यूमिनस' (Non-albuminous) बीज है?
A) मक्का | B) अरंडी | C) मटर | D) गेहूँ -
एल्ब्यूमिनस बीज (Albuminous seed) की पहचान है?
A) भ्रूणपोष का शेष रहना | B) भ्रूणपोष का पूर्ण उपयोग | C) बीजपत्र का बड़ा होना | D) अंडाशय का बड़ा होना -
एक प्रारूपिक बीजाण्ड के 'चलाजा' (Chalaza) सिरे पर कौन सी कोशिकाएं होती हैं?
A) सिनेर्जिड्स | B) अण्ड कोशिका | C) प्रतिव्यासांत कोशिकाएं | D) ध्रुवीय केंद्रक -
लघुबीजाणु जनन (Microsporogenesis) के दौरान एक मातृ कोशिका से कितने परागकण बनते हैं?
A) 1 | B) 2 | C) 4 | D) 8
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