7. विचित्रः साक्षी (Vichitrah Sakshi)
इस पेज पर आपको 7. विचित्रः साक्षी (Vichitrah Sakshi) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, संस्कृत का यह सातवाँ अध्याय 'विचित्रः साक्षी' एक अत्यंत रोचक और नीतिपरक कथा है। यह पाठ बंकिमचंद्र चटर्जी के 'विचित्र अभियोग' नामक कथा पर आधारित है। इस कहानी में एक निर्धन व्यक्ति का प्रसंग है जो अपने पुत्र को पढ़ाने के लिए धन कमाने हेतु शहर जाता है। धन अर्जित करके लौटते समय अंधेरी रात में वह एक दुर्घटना का शिकार हो जाता है और चोरी का आरोप उस पर लग जाता है। न्यायालय में जब न्यायाधीश दोनों पक्षों को बुलाते हैं, तो कोई भी गवाह सामने नहीं आता।
इस कहानी का सार यह है कि समाज में कभी-कभी परिस्थितियां हमारे विरुद्ध हो जाती हैं। लेकिन, सत्य की खोज में एक 'विचित्र साक्षी' (गवाह) सामने आता है, जो न्याय करने में निर्णायक सिद्ध होता है। यह पाठ हमें सिखाता है कि न्याय प्रणाली में धैर्य और विवेक का होना कितना आवश्यक है। न्याय केवल तथ्यों के आधार पर नहीं, बल्कि परिस्थितियों की गहराई को समझने से प्राप्त होता है। जैसे न्यायालय के कर्मचारी ने अपनी चतुराई से चोर को पकड़ा, हमें भी अपने जीवन में तर्कसंगत और विवेकपूर्ण निर्णय लेने चाहिए।
बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से पात्रों के कार्य, घटनाक्रम और संस्कृत व्याकरण पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। यह क्विज़ छात्रों को कहानी के सूक्ष्म पहलुओं को समझने में मदद करेगा। याद रखें, सच्चाई कभी छिपती नहीं, उसे बस सही समय और सही दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। आज के तकनीकी दौर में जहाँ हर जानकारी डिजिटल है, यह कहानी हमें मानवीय संवेदना और सत्य के प्रति निष्ठा की याद दिलाती है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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'विचित्रः साक्षी' इति पाठः कस्मात् ग्रन्थात् सङ्कलितः?
A) विचित्र अभियोग | B) पञ्चतन्त्रम् | C) हितोपदेशः | D) रामायणम् -
कः निर्धनः आसीत्?
A) कश्चित् जनः | B) राजा | C) न्यायाधीशः | D) आरक्षी -
जनः धनं किमर्थं अर्जितवान्?
A) पुत्रस्य कृते | B) राज्यस्य कृते | C) व्यापाराय | D) भ्रमणाय -
मार्गे किं जातम्?
A) दुर्घटना | B) चोरी | C) वृष्टिः | D) युद्धम् -
न्यायाधीशः कः आसीत्?
A) बंकिमचन्द्रः | B) राजा | C) आरक्षी | D) चोरः -
आरक्षी केन सह न्यायालये गतः?
A) निर्धनः | B) न्यायाधीशः | C) चोरः | D) कोऽपि न -
विचित्रः साक्षी कः आसीत्?
A) शवः | B) आरक्षी | C) न्यायाधीशः | D) जनः -
जनः कुत्र गच्छति?
A) ग्रामम् | B) नगरम् | C) विदेशम् | D) वनम् -
न्यायाधीशः किमर्थं द्वितीये दिने आदेशं दत्तवान्?
A) प्रमाणार्थम् | B) भोजनाय | C) भ्रमणाय | D) विश्रामाय -
आरक्षी किमर्थं निर्धनं आरोपितवान्?
A) धनलाभाय | B) द्वेषेण | C) मूर्खतया | D) भयेन -
शवः किमर्थं आसीत्?
A) साक्षी | B) चोरः | C) न्यायाधीशः | D) आरक्षी -
न्यायालयस्य कार्यं कीदृशम्?
A) न्यायपूर्णम् | B) अन्यायपूर्णम् | C) कठिनम् | D) सरलम् -
जनस्य पुत्रः कुत्र पठति?
A) महाविद्यालये | B) गृहे | C) ग्रामे | D) वने -
आरक्षी किं वदति?
A) सः चोरः | B) सः साधुः | C) सः राजा | D) सः दूतः -
न्यायाधीशस्य विवेकः कः?
A) सत्य-शोधनम् | B) दण्ड-विधानम् | C) क्षमादानम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवः किमर्थं अकथयत्?
A) न्यायाय | B) भयाय | C) लोभाय | D) हर्षाय -
सत्यस्य जयः कुत्र भवति?
A) न्यायालये | B) वने | C) गृहे | D) राज्ये -
आरक्षी कः आसीत्?
A) सरकारी कर्मचारी | B) व्यापारी | C) कृषकः | D) साधुः -
जनः किं अनुभवति?
A) दुःखम् | B) सुखम् | C) भयम् | D) क्रोधम् -
न्यायः कथं लभ्यते?
A) तर्केण | B) धनेन | C) बलेन | D) भयेन -
न्यायाधीशः किमर्थं आरक्षिनं दण्डयति?
A) असत्य-आरोपेण | B) भ्रष्टताया | C) अन्यायेन | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धनः जनः किमर्थं व्यथितः?
A) आरक्षिनः | B) धनस्य | C) पुत्रस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षी 'साक्षिणं' किमर्थं अनयत्?
A) दोषसिद्धये | B) न्यायाय | C) भ्रमाया | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवः साक्षी किमर्थं विचित्रः?
A) अचेतनत्वात् | B) आश्चर्यत्वात् | C) न्यायत्वात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायालयस्य व्यवस्था का?
A) साक्ष्यम् | B) तर्कः | C) न्यायः | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धनस्य पुत्रः कस्य कृते कार्यं करोति?
A) उच्च-शिक्षणाय | B) जीविकायै | C) धन-सञ्चयाय | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षी 'आरक्षक' पदे किम् अभिप्रायः?
A) सुरक्षाकर्मी | B) सैनिकः | C) न्यायपालकः | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायाधीशस्य 'विवेक' का शक्तिः?
A) सत्य-निर्णयः | B) न्याय-स्थापना | C) आरक्षणम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
कः निर्धनं चोरं मन्यते?
A) आरक्षी | B) समाजः | C) न्यायाधीशः | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवस्य 'साक्षित्वं' किं सिद्धयति?
A) तथ्यम् | B) न्यायम् | C) सत्यम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायालयं कः गच्छति?
A) जनः | B) आरक्षी | C) न्यायाधीशः | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षिनः व्यवहारः कीदृशः?
A) अशिष्टः | B) कठोरः | C) भ्रष्टः | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्याय-प्रक्रियायां किं आवश्यकम्?
A) प्रमाणम् | B) साक्षी | C) तर्कः | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धनस्य दुःखं कस्य कृते?
A) पुत्र-प्रेम्णः | B) दरिद्रतायाः | C) अन्येषां | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षी किमर्थं दण्डितः?
A) झूठे आरोपणाय | B) कर्तव्य-विमुखतायै | C) अन्याय-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायाधीशः किं शोधयति?
A) तथ्यम् | B) सत्यम् | C) दोषी | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवः कस्य प्रतीकः?
A) मौन-साक्ष्यस्य | B) सत्यस्य | C) न्यायस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षी कस्य दुरूपयोगं करोति?
A) पदस्य | B) शक्तेः | C) न्यायस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धनः जनः किमर्थं साहाय्यं याचते?
A) न्याय-प्राप्तये | B) दण्ड-मुक्तये | C) सत्य-स्थापनाय | D) चारों विकल्प सही हैं -
अन्ते विजयः कस्य भवति?
A) सत्यस्य | B) न्यायस्य | C) निर्धनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
विचित्रः साक्षी इति पाठः कस्य दर्शनस्य प्रतीकः?
A) न्याय-सम्मत-दर्शनस्य | B) मानवीय-मूल्यानाम् | C) सत्य-शोधनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षिनः भ्रष्टता कस्य कृते अभिशापः?
A) समाज-व्यवस्थायाः | B) न्याय-प्रक्रियायाः | C) निर्धन-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायाधीशस्य विवेकः कस्य कृते आदर्शः?
A) न्याय-पालकानाम् | B) समाज-रक्षकानाम् | C) विदुषाम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवः कस्य मौन-साक्ष्यस्य प्रतिनिधित्वं करोति?
A) सत्यस्य | B) न्यायस्य | C) अन्यायस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्याय-प्रक्रियायां 'साक्षी' किमर्थं अनिवार्यम्?
A) सत्य-स्थापनाय | B) दोष-सिद्धये | C) न्याय-सिद्धये | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धन-जनस्य दुःखं कस्य सामाजिक-समस्यायाः प्रतीकः?
A) दरिद्रतायाः | B) आरक्षण-व्यवस्थायाः | C) सामाजिक-अन्यायस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
पाठस्य मुख्य-सन्देशः कः?
A) सत्य-निष्ठता | B) न्याय-प्रयत्नः | C) विवेक-शक्तिः | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षिनः दण्डः कस्य परिचायकः?
A) न्याय-शक्तिः | B) भ्रष्टाचार-विनाशः | C) कर्तव्य-पालनम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायाधीशस्य 'विवेक' कस्य कृते आवश्यकम्?
A) न्याय-निर्णयाय | B) समाज-स्थितेः | C) सत्य-शोधनाय | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवः 'विचित्रः साक्षी' किमर्थं उच्यते?
A) घटना-विशिष्टत्वात् | B) न्याय-कारणात् | C) आश्चर्यत्वात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
पाठः कस्य मानवीय-संवेदनायाः परिचायकः?
A) निर्धनस्य | B) न्यायाधीशस्य | C) सकल-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षण-व्यवस्थायां कस्य उत्तरदायित्वं महत्?
A) आरक्षिनः | B) न्यायाधीशस्य | C) प्रशासनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायालयः कस्य पवित्र-स्थानम्?
A) सत्यस्य | B) न्यायस्य | C) धर्मस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
निर्धनः जनः कस्य सम्मुखं गच्छति?
A) न्यायस्य | B) न्यायाधीशस्य | C) सत्यस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
अहंकारः किमर्थं न्याय-प्रक्रियायां न कार्यक्षमः?
A) सत्य-बाधकतया | B) तर्क-विरोधतया | C) मानवीय-गुण-विरोधतया | D) चारों विकल्प सही हैं -
आरक्षिनः 'दण्डः' कस्य कृते शिक्षाप्रदः?
A) समाज-रक्षकानाम् | B) भ्रष्टानाम् | C) सकल-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
न्यायाधीशस्य 'तर्कः' कस्य सत्यस्य उद्घाटनम्?
A) गुप्त-सत्यस्य | B) घटना-सत्यस्य | C) न्याय-सत्यस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
पाठः कस्य जीवनस्य आदर्शम् उपस्थापयति?
A) न्यायपूर्ण-जीवनस्य | B) सत्यनिष्ठ-जीवनस्य | C) विवेकपूर्ण-जीवनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
अन्ते पाठस्य सारभूतः उपदेशः कः?
A) सत्य-धर्म-पालनम् | B) न्याय-विश्वासः | C) विवेक-शक्तिः | D) चारों विकल्प सही हैं -
शवस्य साक्षीत्वं कस्य कृते विजयः?
A) सत्यस्य | B) न्यायस्य | C) न्यायाधीशस्य | D) चारों विकल्प सही हैं
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