10. प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद् (Pranebhyopi Priyah Suhrid)
इस पेज पर आपको 10. प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद् (Pranebhyopi Priyah Suhrid) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, संस्कृत का यह दसवां अध्याय 'प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद्' मित्रता की महिमा और कर्तव्यपरायणता पर आधारित एक अत्यंत प्रेरणादायक कहानी है। 'प्राणेभ्योऽपि प्रियः' का अर्थ है- प्राणों से भी बढ़कर प्रिय। मित्रता केवल सुख के समय साथ रहने का नाम नहीं है, बल्कि संकट के समय एक-दूसरे के प्राणों की रक्षा करना ही सच्ची मित्रता की कसौटी है। इस पाठ में मानवीय मूल्यों के साथ-साथ जीवों के प्रति करुणा का भी सुंदर चित्रण किया गया है।
कहानी का मूल भाव हमें यह सिखाता है कि जो मित्र विपत्ति में साथ छोड़ देते हैं, वे मित्र नहीं होते। संकटकाल में अपनी जान जोखिम में डालकर भी जो दूसरे की रक्षा करता है, वही श्रेष्ठ सुहृद् (मित्र) कहलाता है। आज के स्वार्थपूर्ण समय में, जहाँ लोग केवल लाभ के लिए रिश्ते बनाते हैं, यह अध्याय हमें निस्वार्थ प्रेम और मित्रता की मर्यादा याद दिलाता है। जैसे एक शरीर के दो हाथ एक-दूसरे की सहायता करते हैं, वैसे ही मित्रों को सदैव एक-दूसरे के कल्याण हेतु तत्पर रहना चाहिए।
बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से, यह अध्याय संवाद-लेखन और कथा-सार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षाओं में यहाँ से नैतिक मूल्य, चरित्र चित्रण और शब्द-अर्थ पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। व्यावहारिक जीवन में, हमें अपने मित्रों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए और स्वयं भी एक आदर्श मित्र बनने का प्रयास करना चाहिए। यह 3-Level आधारित क्विज़ आपकी स्मृति और तार्किक क्षमता को परखने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
विशेषता: यह एक 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
-
'प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद्' इत्यस्य अर्थः कः?
A) प्राणतः प्रियः मित्रम् | B) शत्रुः | C) सम्बन्धी | D) पशुः -
सच्चा मित्र कः भवति?
A) संकटे रक्षकः | B) धनदाता | C) सुखदाता | D) चारों विकल्प सही हैं -
अस्मिन् पाठे कस्य महत्त्वं वर्णितम्?
A) मित्रतायाः | B) शत्रुतायाः | C) धनस्य | D) राज्यस्य -
संसारे किं दुर्लभम्?
A) सच्चा मित्रम् | B) धनम् | C) यानम् | D) राज्यम् -
मित्रस्य कार्यं किम्?
A) हित-साधनम् | B) हानि-साधनम् | C) विवादः | D) कलहः -
कः प्राणेभ्योऽपि प्रियः?
A) सुहृद् | B) शत्रुः | C) धनम् | D) पदम् -
संकटे कः परीक्षितः?
A) मित्रम् | B) धनम् | C) ज्ञानम् | D) बलम् -
मित्रता कस्य आधारः?
A) विश्वासस्य | B) धनस्य | C) बलेन | D) भयेन -
सच्चः सुहृद् कस्य समानः?
A) पितुः | B) मातुः | C) गुरोः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य लक्षणं किम्?
A) सदाचारः | B) दुराचारः | C) कठोरता | D) भयम् -
केन मित्रता न कर्तव्या?
A) दुर्जनेन | B) विद्वज्जनैः | C) मित्रैः | D) गुरुभिः -
सुहृद् शब्दस्य अर्थः कः?
A) मित्रम् | B) शत्रुः | C) राजा | D) सेवकः -
संकटे कः धैर्यं ददाति?
A) मित्रम् | B) शत्रुः | C) धनम् | D) यानम् -
सच्चा मित्रः किमर्थं पूज्यः?
A) त्याग-कारणात् | B) धन-कारणात् | C) भय-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रता कस्य प्रतीकः?
A) प्रेम्णः | B) कलहस्य | C) विवादस्य | D) अहंकारस्य -
मित्रं कथं रक्षितव्यम्?
A) प्राणैः | B) धनेन | C) बलेन | D) चारों विकल्प सही हैं -
सज्जनस्य मित्रं कः?
A) सज्जनः | B) दुर्जनः | C) पशुः | D) चारों विकल्प सही हैं -
पाठस्य मुख्य-सन्देशः कः?
A) मैत्री-धर्मः | B) शत्रुता | C) धन-सञ्चयः | D) चारों विकल्प सही हैं -
कः आपदायां साहाय्यं करोति?
A) मित्रम् | B) शत्रुः | C) राजा | D) चारों विकल्प सही हैं -
सुहृद् शब्दस्य विलोमः कः?
A) शत्रुः | B) मित्रम् | C) राजा | D) चारों विकल्प सही हैं -
सच्ची मित्रतायाः लक्षणं किं अस्ति?
A) संकटे साहाय्यम् | B) धन-विनिमयः | C) सुखे साहाय्यम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रं किमर्थं 'प्राणेभ्योऽपि प्रियम्' उच्यते?
A) त्याग-कारणात् | B) विश्वास-कारणात् | C) प्रेम-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकटे मित्रस्य भूमिका का?
A) मार्गदर्शकस्य | B) रक्षकस्य | C) सहयोगिनः | D) चारों विकल्प सही हैं -
सच्चः सुहृद् किमर्थं दुर्लभः?
A) निस्वार्थता-कारणात् | B) नैतिकता-कारणात् | C) त्याग-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रतायाः आधारः कः?
A) सत्यता | B) ईमानदारी | C) समर्पणम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य कर्तव्यं किम्?
A) हितं कर्तुम् | B) अनिष्टं निवारयितुम् | C) साहाय्यं कर्तुम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकट-काले मित्रं किं दर्शयति?
A) धैर्यम् | B) साहसम् | C) विवेकम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य प्रेम कस्य प्रतीकः?
A) मानवीय-गुणस्य | B) संस्कारस्य | C) हृदय-शुद्धेः | D) चारों विकल्प सही हैं -
सज्जनस्य मैत्री किमर्थं स्थायी?
A) विश्वास-कारणात् | B) गुण-कारणात् | C) नीति-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य हानिः किमर्थं शोचनीयम्?
A) प्रेम-हानिः | B) विश्वास-हानिः | C) संस्कार-हानिः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रता कस्य जीवने आधारशिला?
A) मानव-समाजस्य | B) सुख-जीवनस्य | C) सफलतायाः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य वचनं किमर्थं प्रमाणम्?
A) सत्यता-कारणात् | B) निस्वार्थता-कारणात् | C) विश्वास-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकटे मित्रस्य त्यागः कस्य लक्षणम्?
A) महान-पुरुषस्य | B) सच्चे-मित्रस्य | C) वीर-हृदयस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रतायाः मूल्यं कः जानाति?
A) विद्वान् | B) सच्चा-मित्रः | C) अनुभवी-जनः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य रक्षा किमर्थं आवश्यकी?
A) धर्म-कारणात् | B) नैतिकता-कारणात् | C) मानवता-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
सज्जनस्य मैत्री किमर्थं अनुकरणीयम्?
A) सदाचार-कारणात् | B) प्रेरणा-कारणात् | C) सुख-कारणात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकटं किमर्थं मित्रतायाः परीक्षा?
A) त्याग-दर्शनात् | B) समर्पण-दर्शनात् | C) विश्वास-दर्शनात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य उपदेशः कस्य कृते कल्याणम्?
A) मित्रस्य | B) समाजस्य | C) परिवेशस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रतायाः प्रभावः कस्य उपरि?
A) व्यवहारस्य | B) चरित्रस्य | C) विचाराणाम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
अन्ते सुहृद्-भावः कस्य कृते आधारः?
A) सुख-जीवनस्य | B) शान्ति-जीवनस्य | C) सफलता-जीवनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद् पाठः कस्य दर्शनस्य प्रतिपादनम्?
A) मैत्री-धर्मस्य | B) नैतिक-दर्शनस्य | C) मानवीय-मूल्यानाम् | D) चारों विकल्प सही हैं -
सच्ची मित्रता कस्य कृते आध्यात्मिक-शक्तिः?
A) मानवस्य | B) विदुषः | C) सज्जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकट-काले मित्रस्य समर्पणं कस्य श्रेष्ठता?
A) हृदयस्य | B) चरित्रस्य | C) विवेकस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मैत्री-धर्मस्य पालनं किमर्थं दुष्करम्?
A) स्वार्थ-त्यागात् | B) अहंकार-दबनात् | C) निस्वार्थता-पालनात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य हानिः समाजस्य कृते का हानिः?
A) नैतिक-हानिः | B) संस्कार-हानिः | C) सम्पर्क-हानिः | D) चारों विकल्प सही हैं -
सच्चा सुहृद् कस्य कृते 'ईश्वर-प्रसादः'?
A) सज्जनस्य | B) सदाचारिणः | C) पुण्यवन्तः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रता कस्य कृते आत्म-विकासः?
A) जिज्ञासोः | B) विदुषः | C) सकल-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकटे मित्रस्य भूमिका कस्य कृते 'संजीवनी'?
A) पीडितस्य | B) असाहसी-जनस्य | C) समाज-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मैत्री-धर्मस्य वैशिष्ट्यं कस्य कृते 'अमूल्य'?
A) मानवता-प्रेमिणः | B) नीति-ज्ञानाय | C) संस्कार-प्राप्तये | D) चारों विकल्प सही हैं -
सज्जनस्य मैत्री किमर्थं 'लोक-मर्यादा'?
A) सदाचार-पालनात् | B) नीति-प्रचारात् | C) सुसंस्कार-दर्शनात् | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रता कस्य कृते 'शाश्वत-सम्बन्धः'?
A) सज्जनस्य | B) सच्चे-मित्रस्य | C) पवित्र-हृदयस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
संकटे मित्रस्य मौनं कस्य द्योतकम?
A) गम्भीरतायाः | B) विवेकस्य | C) संयमस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रतायाः महत्त्वं कस्य कृते 'परम-ज्ञान'?
A) विद्वान् | B) नीति-विज्ञस्य | C) अनुभवी-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मैत्री-धर्मस्य त्यागः कस्य कृते 'अपयशः'?
A) मानवस्य | B) सज्जनस्य | C) नीति-पालकस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रस्य उपस्थितिः कस्य कृते 'शक्ति-वर्धनम्'?
A) सङ्घर्षी-जनस्य | B) साहसी-जनस्य | C) सकल-जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
सच्चा सुहृद् कस्य कल्पवृक्ष-तुल्य?
A) प्रेरणा-तृष्णायाः | B) नीति-ज्ञानस्य | C) संस्कार-लालसायाः | D) चारों विकल्प सही हैं -
मित्रता कस्य कृते 'स्वर्ग-प्राप्ति'?
A) सदाचारिणः | B) नीति-पालकस्य | C) पुण्य-हृदयस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
मैत्री-धर्मस्य पालनं कस्य कृते 'यशः-प्राप्ति'?
A) सज्जनस्य | B) नीति-पालकस्य | C) परम-पुरुषस्य | D) चारों विकल्प सही हैं -
अन्ते मित्र-भावस्य सार-सन्देशः कः?
A) निस्वार्थ-प्रेम | B) त्याग-समर्पण | C) मैत्री-धर्म-पालन | D) चारों विकल्प सही हैं -
प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुहृद् कस्य जीवनादर्शः?
A) मानवस्य | B) विदुषः | C) सज्जनस्य | D) चारों विकल्प सही हैं
0
0
0%
अपना सुझाव दें (Feedback)
वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार हमें भेजें।