3. जाति, धर्म और लैंगिक मसले (Gender, Religion and Caste)
इस पेज पर आपको 3. जाति, धर्म और लैंगिक मसले (Gender, Religion and Caste) के सभी महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), परीक्षा उपयोगी नोट्स और ऑनलाइन क्विज़ मिलेंगे। अपने ज्ञान का परीक्षण करने और बोर्ड/प्रतियोगी परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें।
👉 अध्याय का सारांश (Summary)
प्रिय विद्यार्थियों, इस 3रे और सामाजिक रूप से 1 बेहद संवेदनशील तथा ज्वलंत अध्याय 'जाति, धर्म और लैंगिक मसले' (Gender, Religion and Caste) में हम 1 बहुत ही शानदार और विश्लेषणात्मक अध्ययन करेंगे। कोई भी स्वस्थ लोकतंत्र अपने समाज से कटा हुआ 100 प्रतिशत नहीं हो सकता। इस अध्याय में हम 100 प्रतिशत वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझेंगे कि कैसे ये 3 गहरे सामाजिक विभाजन लोकतांत्रिक राजनीति को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, और राजनीति कैसे इन सामाजिक विभाजनों को नया रूप देती है। राजनीति विज्ञान हमें इन जटिल मुद्दों को 1 तार्किक नजरिए से देखने की अद्भुत शक्ति देता है।
सबसे पहले हम 'लैंगिक विभाजन' (Gender Division) का गहराई से अध्ययन करेंगे। यह कोई प्राकृतिक या जैविक चीज नहीं है, बल्कि हमारे समाज द्वारा थोपी गई 1 रूढ़िवादी व्यवस्था है। हम तार्किक रूप से समझेंगे कि 'श्रम का लैंगिक विभाजन' (Sexual Division of Labour) और पितृसत्तात्मक समाज (Patriarchal Society) महिलाओं को किस तरह घर की चारदीवारी तक सीमित रखते हैं। महिलाओं को 100 प्रतिशत समान अधिकार दिलाने वाले 'नारीवादी आंदोलनों' (Feminist Movements) का हम तार्किक मूल्यांकन करेंगे। हम 1976 के समान पारिश्रमिक अधिनियम और भारतीय संसद में महिलाओं के बेहद कम राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे गंभीर विषयों का 100 प्रतिशत गहराई से वैज्ञानिक विश्लेषण करेंगे।
इसके बाद हम धर्म और राजनीति के जटिल आपसी संबंध का विश्लेषण करेंगे। जब धर्म को 1 राष्ट्र का मुख्य आधार मान लिया जाता है और 1 धर्म के अनुयायियों को दूसरे धर्म के खिलाफ खड़ा किया जाता है, तो वह 1 भयानक 'सांप्रदायिकता' (Communalism) का रूप ले लेता है, जो लोकतंत्र के लिए 100 प्रतिशत 1 बहुत बड़ा खतरा है। हम समझेंगे कि सांप्रदायिकता केवल दंगों में नहीं दिखती, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की मान्यताओं में भी छिपी होती है। भारत के निर्माताओं ने इस खतरे से बचने के लिए 'धर्मनिरपेक्ष राज्य' (Secular State) का मॉडल 100 प्रतिशत क्यों अपनाया, जहाँ राज्य का अपना कोई आधिकारिक धर्म नहीं है, इसका हम तार्किक मूल्यांकन करेंगे।
अंत में, हम भारतीय समाज की 1 अनोखी और सबसे जटिल समस्या—जाति व्यवस्था—का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे। 'राजनीति में जाति' (Caste in Politics) कैसे काम करती है, जहाँ राजनीतिक पार्टियां चुनाव के समय उम्मीदवार चुनते समय जातिगत समीकरणों को 100 प्रतिशत ध्यान में रखती हैं। वहीं, 'जाति में राजनीति' (Politics in Caste) भी 1 वास्तविकता है, जहाँ जातियां खुद को बड़ा दिखाने के लिए उप-जातियों को 1 साथ जोड़ती हैं। क्या चुनाव 100 प्रतिशत सिर्फ जाति पर लड़े जाते हैं? हम इसका तार्किक जवाब खोजेंगे। बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत शानदार सफलता के लिए हमने इन सभी विषयों से उच्च-स्तरीय वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) बड़ी ही सावधानी से तैयार किए हैं।
विशेषता: यह 1 3-Level आधारित यूनीक क्विज़ है। अगले स्तर (Level 2 और 3) को अनलॉक करने के लिए छात्रों को वर्तमान स्तर में कम से कम 70% अंक स्कोर करने होंगे, जो उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को 100% मजबूत बनाता है।
अध्याय के सभी प्रश्न (Revision Notes)
*नोट: यह सेक्शन रिवीजन के लिए है। अपना ज्ञान परखने के लिए ऊपर दिए गए क्विज़ में भाग लें।
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श्रम के लैंगिक विभाजन (Sexual Division of Labour) का क्या अर्थ है?
A) पुरुषों द्वारा बाहर का काम करना | B) काम के बँटवारे का वह तरीका जिसमें घर के अंदर का सारा काम परिवार की महिलाएँ करती हैं | C) समान वेतन | D) कोई नहीं -
नारीवादी (Feminist) किसे कहते हैं?
A) केवल महिलाओं को | B) वह व्यक्ति जो स्त्री और पुरुष के समान अधिकारों और अवसरों में विश्वास करता हो | C) पुरुषों का विरोध करने वाला | D) कोई नहीं -
भारत में पुरुषों और महिलाओं के बीच साक्षरता दर में क्या अंतर है (2011 के अनुसार)?
A) दोनों समान हैं | B) पुरुष 76% और महिलाएँ 54% | C) पुरुष 100% और महिलाएँ 0% | D) कोई नहीं -
भारत की विधायिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कैसा है?
A) बहुत अधिक | B) बहुत कम (Very low) | C) 50% | D) 100% -
धर्म को राजनीति से कभी अलग नहीं किया जा सकता - यह किसने कहा था?
A) जवाहरलाल नेहरू | B) महात्मा गांधी | C) अंबेडकर | D) सरदार पटेल -
पारिवारिक कानून (Family Laws) किन विषयों से संबंधित होते हैं?
A) विवाह और तलाक | B) गोद लेना और उत्तराधिकार | C) A और B दोनों | D) केवल व्यापार -
सांप्रदायिकता (Communalism) का मुख्य आधार क्या है?
A) देशभक्ति | B) धर्म (Religion) | C) जाति | D) पैसे -
धर्मनिरपेक्ष राज्य (Secular State) का क्या अर्थ है?
A) जहाँ एक ही धर्म को प्रधानता दी जाए | B) जहाँ राज्य का कोई अपना धर्म नहीं होता और सभी धर्मों को समान सम्मान मिलता है | C) जहाँ धर्म प्रतिबंधित हो | D) कोई नहीं -
भारत में स्थानीय सरकारों (पंचायतों) में महिलाओं के लिए कितनी सीटें आरक्षित हैं?
A) 10% | B) 25% | C) एक-तिहाई (33%) | D) 50% -
जातिवाद (Casteism) किस विचार पर आधारित है?
A) समानता | B) कि जाति ही सामाजिक समुदाय के गठन का एकमात्र आधार है | C) विकास | D) शिक्षा -
वर्ण व्यवस्था (Caste Hierarchy) का क्या अर्थ है?
A) सबकी समानता | B) जाति समूहों का एक सोपान जैसा ढाँचा जिसमें कुछ ऊपर और कुछ नीचे हों | C) केवल रंगों का चुनाव | D) कोई नहीं -
भारत में लिंगानुपात (Sex Ratio) क्या दर्शाता है?
A) कुल जनसंख्या | B) प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या | C) साक्षरता | D) कोई नहीं -
पितृप्रधान समाज (Patriarchal Society) का क्या अर्थ है?
A) जहाँ माँ का शासन हो | B) ऐसी व्यवस्था जिसमें पिता या पुरुष को अधिक शक्ति और प्रधानता दी जाती है | C) बच्चों का शासन | D) समानता -
सांप्रदायिक राजनीति किस विचार पर आधारित होती है?
A) एक धर्म के अनुयायी एक ही समुदाय के होते हैं और उनके हित समान होते हैं | B) देश की एकता | C) सभी धर्मों का मेल | D) कोई नहीं -
जातिगत असमानता को दूर करने के लिए किसने आंदोलन किए थे?
A) ज्योतिबा फुले और पेरियार रामास्वामी | B) डॉ. बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी | C) A और B दोनों | D) कोई नहीं -
भारत के किस राज्य में शिशु लिंगानुपात सबसे अधिक चिंताजनक (कम) रहा है?
A) केरल | B) हरियाणा | C) पंजाब | D) B और C दोनों -
धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान का क्या है?
A) एक कमजोरी | B) बुनियादी ढाँचा और प्रमुख मूल्य | C) एक छोटी सी बात | D) कोई नहीं -
एक ऐसी जगह जहाँ केवल पुरुष ही निर्णय लेते हैं, कहलाती है:
A) लोकतंत्र | B) पितृसत्तात्मक स्थान | C) धर्मनिरपेक्ष स्थान | D) कोई नहीं -
वोट बैंक (Vote Bank) की राजनीति मुख्य रूप से किस पर आधारित होती है?
A) केवल विकास | B) जाति और धर्म के आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण | C) शिक्षा | D) कोई नहीं -
समान मजदूरी अधिनियम (Equal Remuneration Act) क्या सुनिश्चित करता है?
A) छुट्टी | B) समान काम के लिए समान मजदूरी | C) मुफ्त भोजन | D) कोई नहीं -
भारत में जाति व्यवस्था क्यों नहीं खत्म हो रही है?
A) लोग पढ़ना नहीं चाहते | B) विवाह अभी भी अपनी ही जाति में करने की परंपरा और सदियों के संस्कार | C) कानून नहीं है | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिकता का सबसे भयावह रूप क्या है?
A) शांति | B) सांप्रदायिक दंगे और नरसंहार | C) बातचीत | D) कोई नहीं -
जाति आधारित राजनीति का लोकतंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) यह केवल अच्छा है | B) यह कई बार दलितों और पिछड़ों को प्रतिनिधित्व दिलाती है पर समाज को बाँटती भी है | C) कोई प्रभाव नहीं | D) कोई नहीं -
लैंगिक असमानता (Gender Inequality) का आधार क्या है?
A) जैविक बनावट | B) समाज द्वारा तय की गई रूढ़िवादी भूमिकाएं | C) केवल शिक्षा | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिक सोच अक्सर अपने ही धार्मिक समुदाय के भीतर क्या करने की कोशिश करती है?
A) भाईचारा | B) राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिश | C) धर्म छोड़ने की कोशिश | D) कोई नहीं -
शहरीकरण और साक्षरता ने जाति व्यवस्था को कैसे प्रभावित किया है?
A) जाति व्यवस्था और मजबूत हुई है | B) जाति व्यवस्था के पुराने बंधन ढीले हुए हैं | C) कोई प्रभाव नहीं | D) जाति खत्म हो गई है -
भारत में धर्मनिरपेक्षता का अर्थ 'धर्म विरोधी' होना क्यों नहीं है?
A) क्योंकि राज्य सभी धर्मों को समान स्वतंत्रता और सुरक्षा देता है | B) क्योंकि लोग धार्मिक हैं | C) क्योंकि कानून नहीं है | D) कोई नहीं -
विधायिकाओं में महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
A) ताकि उन्हें भी सत्ता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सेदारी मिले | B) केवल घूमने हेतु | C) पैसे हेतु | D) कोई नहीं -
अस्पृश्यता (Untouchability) को संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा समाप्त किया गया है?
A) अनुच्छेद 14 | B) अनुच्छेद 17 | C) अनुच्छेद 19 | D) अनुच्छेद 21 -
क्या केवल जाति के आधार पर भारत में चुनाव जीता जा सकता है?
A) हाँ | B) नहीं, क्योंकि कोई भी संसदीय क्षेत्र केवल एक जाति के बहुमत वाला नहीं है | C) हमेशा | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिकता लोकतंत्र के लिए चुनौती क्यों है?
A) यह देश की एकता और सद्भाव को नुकसान पहुँचाती है | B) यह विकास रोकती है | C) यह भेदभाव बढ़ाती है | D) उपरोक्त सभी -
भारत में महिलाओं के काम को अक्सर 'अदृश्य' (Invisible) क्यों माना जाता है?
A) वे काम नहीं करतीं | B) घरेलू काम का कोई मौद्रिक मूल्य नहीं आँका जाता | C) वे छुपकर काम करती हैं | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
A) हथियार उठाना | B) धर्मनिरपेक्ष विचार और सभी धर्मों का सम्मान करना | C) धर्म छोड़ना | D) चुप रहना -
श्रम का विभाजन समाज में कैसे प्रकट होता है?
A) केवल योग्यता से | B) जातिगत पेशों की वंशागति और लैंगिक भूमिकाओं से | C) केवल धन से | D) कोई नहीं -
कन्या भ्रूण हत्या (Female Foeticide) का मुख्य कारण क्या है?
A) पैसे की कमी | B) पितृसत्तात्मक सोच और लड़कों को प्राथमिकता देना | C) शिक्षा | D) कोई नहीं -
धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल 'पश्चिमी मॉडल' से कैसे भिन्न है?
A) यह धर्म का विरोध करता है | B) यह धर्मों के बीच समानता के लिए राज्य के हस्तक्षेप की अनुमति देता है | C) यह धर्म को नहीं मानता | D) कोई नहीं -
राजनीति में जाति का प्रवेश क्या कहलाता है?
A) जाति का राजनीतिकरण | B) राजनीति का जातिीकरण | C) A और B दोनों | D) कोई नहीं -
लोकतंत्र में 'समानता' और 'विविधता' के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है?
A) दबाव बनाकर | B) समावेशी राजनीति और सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व द्वारा | C) केवल कानून से | D) कोई नहीं -
राजनीति में 'धर्म' का उपयोग कब खतरनाक हो जाता है?
A) जब वह नैतिक मूल्य सिखाए | B) जब धर्म का उपयोग नफरत फैलाने और लोगों को बाँटने के लिए हो | C) हमेशा | D) कभी नहीं -
एक आदर्श लोकतंत्र में जाति और धर्म की क्या भूमिका होनी चाहिए?
A) वे मुख्य होने चाहिए | B) उन्हें व्यक्तिगत पहचान तक सीमित रहना चाहिए और राजनीति विकास पर केंद्रित होनी चाहिए | C) उन्हें खत्म कर देना चाहिए | D) कोई नहीं -
संसद के निचले सदन (लोकसभा) में महिलाओं की संख्या पहली बार 14.36% किस वर्ष पहुँची?
A) 1952 | B) 2019 | C) 2004 | D) 2014 -
जाति आधारित जनगणना (Caste Census) की मांग अक्सर क्यों की जाती है?
A) जनसंख्या गिनने हेतु | B) पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति जानकर नीतियाँ और आरक्षण तय करने हेतु | C) केवल राजनीति हेतु | D) कोई नहीं -
धर्मनिरपेक्षता का अर्थ 'सर्वधर्म समभाव' है, यह विचार किसका था?
A) डॉ. राधाकृष्णन और गांधीजी | B) मैकाले | C) जिन्ना | D) कोई नहीं -
नारीवादी आंदोलनों का मुख्य लक्ष्य क्या था?
A) पुरुषों से लड़ना | B) व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में भी बराबरी लाना | C) नौकरी छोड़ना | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिक राजनीति का 'बहुसंख्यकवादी' रूप क्या है?
A) अल्पसंख्यकों की मदद | B) बहुसंख्यक समुदाय की इच्छा को पूरे देश पर थोपना | C) शांति | D) कोई नहीं -
जाति के भीतर राजनीति (Politics in Caste) का एक उदाहरण है:
A) गठबंधन बनाना | B) अपनी जाति के भीतर उप-जातियों को जोड़कर उसे बड़ा समूह बनाना | C) जाति छोड़ना | D) कोई नहीं -
भारत में 'दलित' और 'पिछड़े वर्गों' की राजनीतिक सक्रियता ने क्या बदलाव लाया?
A) हिंसा बढ़ी | B) निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और आत्मसम्मान बढ़ा | C) विकास रुक गया | D) कोई नहीं -
क्या धर्म और राजनीति का मेल हमेशा बुरा होता है?
A) हाँ | B) नहीं, यदि राजनीति धर्म के नैतिक मूल्यों (सत्य, न्याय) से प्रेरित हो | C) कह नहीं सकते | D) पता नहीं -
लैंगिक विभाजन की अदृश्यता का समाज पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है?
A) महिलाएं शक्तिशाली बनती हैं | B) महिलाओं की आर्थिक निर्भरता और सामाजिक पिछड़ापन बना रहता है | C) कोई प्रभाव नहीं | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिकता को समाप्त करने के लिए 'संविधान' क्या गारंटी देता है?
A) किसी को भी किसी धर्म का पालन करने और प्रचार करने की आजादी | B) धर्म आधारित भेदभाव की मनाही | C) A और B दोनों | D) केवल एक धर्म की अनुमति -
जातिगत वोट बैंक की राजनीति का क्या नुकसान है?
A) यह विकास के असली मुद्दों से ध्यान भटकाती है | B) यह समाज में तनाव पैदा करती है | C) A और B दोनों | D) कोई नुकसान नहीं -
नारीवाद का 'उग्र' (Radical) पक्ष क्या मानता है?
A) केवल समानता | B) कि पितृसत्ता ही महिलाओं के शोषण की जड़ है जिसे बदलना अनिवार्य है | C) पुरुष अच्छे हैं | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिक विचारधारा में 'दूसरे धर्म' को किस रूप में देखा जाता है?
A) दोस्त | B) विरोधी या दुश्मन के रूप में | C) शिक्षक | D) कोई नहीं -
भारत में 'पिछड़ा वर्ग' (OBC) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता है?
A) केवल अमीरों हेतु | B) वे जातियाँ जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी हैं | C) सैनिकों हेतु | D) कोई नहीं -
लिंग आधारित श्रम विभाजन (Labour division) को कैसे बदला जा सकता है?
A) केवल कानून से | B) सामाजिक सोच में बदलाव और घरेलू कार्यों में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाकर | C) स्कूल बंद करके | D) कोई नहीं -
सांप्रदायिकता का 'राज्य' पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A) राज्य निष्पक्ष हो जाता है | B) राज्य कई बार एक पक्ष का समर्थन करने लगता है जिससे लोकतंत्र कमजोर होता है | C) राज्य अमीर होता है | D) कोई नहीं -
जाति व्यवस्था के टूटने में 'पेशा बदलने की आजादी' का क्या महत्व है?
A) कम महत्व | B) यह जाति और व्यवसाय के सदियों पुराने जुड़ाव को खत्म करती है | C) कोई महत्व नहीं | D) कोई नहीं -
नारीवादी आंदोलनों ने 'पब्लिक' और 'प्राइवेट' के बीच की रेखा को कैसे चुनौती दी?
A) घर के बाहर काम करके | B) यह बताकर कि 'निजी भी राजनीतिक है' और घर के भीतर भी समानता चाहिए | C) लड़कर | D) कोई नहीं -
जाति आधारित समूहों का चुनाव में दबाव समूह के रूप में कार्य करना क्या कहलाता है?
A) जाति दबाव | B) जातिगत लामबंदी (Caste Mobilization) | C) सफाई | D) कोई नहीं -
क्या लोकतंत्र के बिना सामाजिक विविधताओं का प्रबंधन संभव है?
A) हाँ | B) नहीं, लोकतंत्र ही एकमात्र व्यवस्था है जहाँ शांतिपूर्ण तरीके से सबकी भागीदारी संभव है | C) राजतंत्र में संभव है | D) कोई नहीं
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